पुलिस की जांच में सामने आया है कि नीरज घटना के 10 दिन पहले झगड़े के बाद मायके चली गई थी। लेकिन अगले ही दिन उसका भाई वापस छोड़ गया था। घटना 20 सितंबर की रात की बताई जाती है। हालांकि इसकी जानकारी अगली रात आरोपी महिला ने खुद पुलिस को फोन करके दी।
मृतक के बड़े भाई अशोक कुमार पुत्र बेगराज जाट ने बताया कि वो तीन भाई हैं। मृतक निर्मल सबसे छोटा था। 2011 में उसकी शादी झेरली गांव की नीरज से हुई थी। सभी भाई अलग-अलग रहते हैं। अशोक और एक भाई अनिल गांव में रहते हैं। वहीं, निर्मल परिवार और पिता के साथ खेत पर बने मकान में रहता था।
मृतक निर्मल पशुओं का कम्पाउंडर था। उसका परिवार सांखणताल गांव से करीब 1 किमी दूर अपने खेत पर बने मकान में रहता था। कपल के दो बच्चे हैं। बेटी भावना (7) और बेटा (5) वर्षीय राहुल। नीरज ने पति की हत्या के बाद लाश को बेड के नीचे सरका दिया था, ताकि उसे ठिकाने लगाया जा सके। हालांकि वो ऐसा नहीं कर सकी।
निर्मल के पिता ने बताया कि उनके पोती-पोता ने बताया था कि दोनों झगड़ रहे हैं। वे पहुंचे और दोनों को समझाया। लेकिन अगले दिन जब निर्मल नहीं दिखा, तो उसे खोजने की कोशिश की।
21 सितंबर की रात करीब 11 बजे नीरज ने थाने में फोन करके बताया कि उसने अपने पति की हत्या कर दी है। निर्मल के पिता टीचर थे। वे निर्मल के साथ ही रहते थे।
पुलिस जब घटनस्थल पर पहुंची, तब आरोपी महिला बेफिक्र खड़ी थी। मानों उसे कोई पछतावा नहीं हो।
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